पोस्ट्स

जानेवारी, २०२६ पासूनच्या पोेस्ट दाखवत आहे

मार्केट डाउन? चिल करो। SIP जारी रखो। 👉 क्रैश टाइम = SIP प्राइम टाइम

इमेज
  गिरते बाज़ार में SIP बंद करें या जारी रखें? (Cost Averaging को बहुत आसान उदाहरण से समझिए) नमस्कार दोस्तों, हमारा एक ही उद्देश्य है — 👉 पैसों की समझ हर इंसान तक आसान भाषा में पहुँचाना। आज हम एक बहुत आम सवाल का जवाब देंगे: जब बाज़ार गिरता है, तब SIP बंद करनी चाहिए या फिर चालू रखनी चाहिए? सीधा जवाब है — 👉 SIP कभी भी बंद नहीं करनी चाहिए। पहले एक आसान उदाहरण (सोने वाला) मान लीजिए आप हर महीने सोना खरीदते हैं। पहले सोने का भाव था ₹3,000 फिर बढ़कर हुआ ₹5,000 फिर ₹9,000 फिर ₹12,000 फिर ₹15,000 आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा सोना खरीदते रहे। अब अचानक सोने का भाव गिरकर ₹5,000 हो गया। अब बताइए — आप सोना खरीदना बंद कर देंगे  या  और ज़्यादा खुशी से खरीदेंगे? ज़ाहिर है, समझदार आदमी सस्ता मिलने पर ज़्यादा खरीदेगा। क्यों? क्योंकि उसे पता है कि भाव फिर ऊपर जाएगा । यही सोच बाज़ार और SIP पर भी लागू होती है दोस्तों, बाज़ार कोई जादू नहीं है। बाज़ार जुड़ा है: महंगाई से सोना, चांदी, लोहे जैसी चीज़ों से खेती के दामों से आपकी कमाई से आपके खर्चों से अ...

घर खरीदने से पहले EMI और डाउन पेमेंट की तैयारी कैसे करें | होम लोन गाइड

  घर खरीदने से पहले यह ज़रूरी बात ज़रूर पढ़ें (वरना बाद में पछताना पड़ सकता है) नमस्ते दोस्तों, मेरे इस नए ब्लॉग पोस्ट में आपका स्वागत है। अक्सर लोग मेरे पास इनकम से जुड़े काग़ज़ बनाने , ITR भरवाने या दूसरे कामों के लिए आते हैं। बातचीत के दौरान कई लोग बताते हैं कि: 👉 “हम 2 साल बाद अपना घर खरीदने वाले हैं।” 👉 “या 2 साल बाद घर बनाना है।” यहीं पर ज़्यादातर लोग एक बहुत बड़ी गलती कर देते हैं। बैंक पूरा पैसा नहीं देता – यह सच्चाई समझिए मान लीजिए आपने तय किया कि आपको 25 लाख रुपये का घर खरीदना है। अब ध्यान से समझिए: बैंक आपको पूरे 25 लाख का लोन नहीं देता आमतौर पर बैंक सिर्फ़ 80% से 85% तक ही लोन देता है अगर बैंक 85% देता है. 25 लाख का 85% = लगभग 21.25 लाख बाकी 15% यानी करीब 3,75,000 रुपये  आपको अपनी जेब से देने होंगे (Down Payment) सिर्फ़ इतना ही नहीं, और भी खर्चे होते हैं अधिकतर लोग यही सोचते हैं कि “बस डाउन पेमेंट ही देना है।” लेकिन असलियत में इसके अलावा भी खर्चे होते हैं: स्टांप ड्यूटी रजिस्ट्रेशन चार्ज घर का इंश्योरेंस लोन लेने वाले व...

SIP शुरू करना काफी नहीं, SIP बढ़ाना ज़रूरी है

  कमाई बढ़ती है… लेकिन भविष्य कमजोर क्यों रह जाता है? आज लगभग हर इंसान की कमाई हर साल बढ़ती है। किसी की सैलरी बढ़ती है, तो किसी के बिज़नेस में फायदा बढ़ता है। लेकिन एक बहुत बड़ी गलती हम सब करते हैं— 👉 हम अपनी बचत (SIP) नहीं बढ़ाते। लोग SIP शुरू तो कर देते हैं, लेकिन सालों तक वही छोटी रकम चलाते रहते हैं। यही छोटी सी गलती, आगे चलकर बहुत बड़ी परेशानी बन जाती है। एक बिल्कुल आसान उदाहरण समझिए राजेश नाम का एक व्यक्ति है। उम्र : 40 साल SIP : ₹1,000 प्रति महीना समय : 20 साल उद्देश्य : रिटायरमेंट अनुमानित रिटर्न : 12% सालाना 20 साल बाद राजेश को मिलेंगे करीब ₹10,00,000 अब सुनने में अच्छा लग रहा है, लेकिन असली बात अभी बाकी है। आज की आदत, कल की परेशानी आज राजेश की हालत क्या है? महीने की सैलरी : ₹25,000 बचत (SIP) : ₹1,000 खर्च : ₹24,000 मतलब राजेश को हर महीने ₹24,000 खर्च करने की आदत लग चुकी है। अब मान लीजिए— राजेश की सैलरी हर साल 5% बढ़ती है। अगले साल : ₹26,250 फिर : ₹27,500 20 साल बाद : करीब ₹50,000 प्रति महीना लेकिन ध्यान दीजिए— ...