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मार्केट डाउन? चिल करो। SIP जारी रखो। 👉 क्रैश टाइम = SIP प्राइम टाइम

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  गिरते बाज़ार में SIP बंद करें या जारी रखें? (Cost Averaging को बहुत आसान उदाहरण से समझिए) नमस्कार दोस्तों, हमारा एक ही उद्देश्य है — 👉 पैसों की समझ हर इंसान तक आसान भाषा में पहुँचाना। आज हम एक बहुत आम सवाल का जवाब देंगे: जब बाज़ार गिरता है, तब SIP बंद करनी चाहिए या फिर चालू रखनी चाहिए? सीधा जवाब है — 👉 SIP कभी भी बंद नहीं करनी चाहिए। पहले एक आसान उदाहरण (सोने वाला) मान लीजिए आप हर महीने सोना खरीदते हैं। पहले सोने का भाव था ₹3,000 फिर बढ़कर हुआ ₹5,000 फिर ₹9,000 फिर ₹12,000 फिर ₹15,000 आप हर महीने थोड़ा-थोड़ा सोना खरीदते रहे। अब अचानक सोने का भाव गिरकर ₹5,000 हो गया। अब बताइए — आप सोना खरीदना बंद कर देंगे  या  और ज़्यादा खुशी से खरीदेंगे? ज़ाहिर है, समझदार आदमी सस्ता मिलने पर ज़्यादा खरीदेगा। क्यों? क्योंकि उसे पता है कि भाव फिर ऊपर जाएगा । यही सोच बाज़ार और SIP पर भी लागू होती है दोस्तों, बाज़ार कोई जादू नहीं है। बाज़ार जुड़ा है: महंगाई से सोना, चांदी, लोहे जैसी चीज़ों से खेती के दामों से आपकी कमाई से आपके खर्चों से अ...

घर खरीदने से पहले EMI और डाउन पेमेंट की तैयारी कैसे करें | होम लोन गाइड

  घर खरीदने से पहले यह ज़रूरी बात ज़रूर पढ़ें (वरना बाद में पछताना पड़ सकता है) नमस्ते दोस्तों, मेरे इस नए ब्लॉग पोस्ट में आपका स्वागत है। अक्सर लोग मेरे पास इनकम से जुड़े काग़ज़ बनाने , ITR भरवाने या दूसरे कामों के लिए आते हैं। बातचीत के दौरान कई लोग बताते हैं कि: 👉 “हम 2 साल बाद अपना घर खरीदने वाले हैं।” 👉 “या 2 साल बाद घर बनाना है।” यहीं पर ज़्यादातर लोग एक बहुत बड़ी गलती कर देते हैं। बैंक पूरा पैसा नहीं देता – यह सच्चाई समझिए मान लीजिए आपने तय किया कि आपको 25 लाख रुपये का घर खरीदना है। अब ध्यान से समझिए: बैंक आपको पूरे 25 लाख का लोन नहीं देता आमतौर पर बैंक सिर्फ़ 80% से 85% तक ही लोन देता है अगर बैंक 85% देता है. 25 लाख का 85% = लगभग 21.25 लाख बाकी 15% यानी करीब 3,75,000 रुपये  आपको अपनी जेब से देने होंगे (Down Payment) सिर्फ़ इतना ही नहीं, और भी खर्चे होते हैं अधिकतर लोग यही सोचते हैं कि “बस डाउन पेमेंट ही देना है।” लेकिन असलियत में इसके अलावा भी खर्चे होते हैं: स्टांप ड्यूटी रजिस्ट्रेशन चार्ज घर का इंश्योरेंस लोन लेने वाले व...

SIP शुरू करना काफी नहीं, SIP बढ़ाना ज़रूरी है

  कमाई बढ़ती है… लेकिन भविष्य कमजोर क्यों रह जाता है? आज लगभग हर इंसान की कमाई हर साल बढ़ती है। किसी की सैलरी बढ़ती है, तो किसी के बिज़नेस में फायदा बढ़ता है। लेकिन एक बहुत बड़ी गलती हम सब करते हैं— 👉 हम अपनी बचत (SIP) नहीं बढ़ाते। लोग SIP शुरू तो कर देते हैं, लेकिन सालों तक वही छोटी रकम चलाते रहते हैं। यही छोटी सी गलती, आगे चलकर बहुत बड़ी परेशानी बन जाती है। एक बिल्कुल आसान उदाहरण समझिए राजेश नाम का एक व्यक्ति है। उम्र : 40 साल SIP : ₹1,000 प्रति महीना समय : 20 साल उद्देश्य : रिटायरमेंट अनुमानित रिटर्न : 12% सालाना 20 साल बाद राजेश को मिलेंगे करीब ₹10,00,000 अब सुनने में अच्छा लग रहा है, लेकिन असली बात अभी बाकी है। आज की आदत, कल की परेशानी आज राजेश की हालत क्या है? महीने की सैलरी : ₹25,000 बचत (SIP) : ₹1,000 खर्च : ₹24,000 मतलब राजेश को हर महीने ₹24,000 खर्च करने की आदत लग चुकी है। अब मान लीजिए— राजेश की सैलरी हर साल 5% बढ़ती है। अगले साल : ₹26,250 फिर : ₹27,500 20 साल बाद : करीब ₹50,000 प्रति महीना लेकिन ध्यान दीजिए— ...

SIP शुरू करने से पहले Advisor से सलाह क्यों ज़रूरी है?

  Goal Planning में Advisor क्यों ज़रूरी है? पिछले ब्लॉग में हमने समझा था कि Goal Planning क्यों ज़रूरी है अगर आपने पिछले ब्लॉग नहीं पढ़ा है तो यह क्लिक करे अब इस ब्लॉग में हम समझेंगे कि Advisor (सलाहकार) आपकी Goals पूरी करने में इतना ज़रूरी क्यों होता है । मान लीजिए एक व्यक्ति है राजेश । पिछले ब्लॉग में हमने देखा था कि 👉 राजेश को अपने Retirement (बुढ़ापे) के लिए 👉 ₹6,000 हर महीने SIP करनी पड़ेगी। लेकिन ज़िंदगी सिर्फ Retirement तक सीमित नहीं होती। राजेश के: दो छोटे बच्चे हैं (5 साल से कम उम्र) बच्चों की पढ़ाई का खर्च आएगा भविष्य में कार खरीदनी है माता-पिता के इलाज का खर्च भी होगा यानी सिर्फ एक Goal नहीं, कई Goals हैं । गलती कहाँ हो सकती है? अगर राजेश: किसी से सलाह लिए बिना सिर्फ मोबाइल पर इंटरनेट देख कर “कौन सा Mutual Fund अच्छा है” देखकर ₹6,000 की SIP शुरू कर दे तो ये गलत हो सकता है । क्यों? क्योंकि: जो Fund आज अच्छा है, वो कल भी अच्छा रहेगा, इसकी गारंटी नहीं सिर्फ Past Return देखना काफी नहीं होता Fund कैसे काम करता है, उसमें...

भविष्य सुरक्षित चाहिए? पहले Goal तय कीजिए, फिर SIP शुरू कीजिए

Goal Based Investment क्यों ज़रूरी है? आसान भाषा में समझिए आजकल बहुत-से लोग SIP के बारे में सोशल मीडिया, टीवी या दोस्तों से सुनकर निवेश शुरू करना चाहते हैं। यह बात अच्छी है कि लोग निवेश का फैसला तो ले रहे हैं। लेकिन जब उनसे पूछा जाता है कि आप किस लक्ष्य (Goal) के लिए निवेश कर रहे हैं, तो ज़्यादातर लोग कन्फ्यूज़ हो जाते हैं। यही सबसे बड़ी समस्या है। बिना लक्ष्य के निवेश करना मतलब बिना नक्शे के सफ़र शुरू करना। इसीलिए Goal Based Investment बहुत ज़रूरी है। एक सच्ची जैसी कहानी राजेश हमारे पास निवेश शुरू करने आए। उन्होंने कहा, “मुझे अपने भविष्य के लिए कुछ पैसे बचाने हैं।” मैंने उनसे पूछा, 👉 “किस उद्देश्य के लिए? रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या कुछ और?” राजेश थोड़े कन्फ्यूज़ हो गए। सवाल–जवाब से साफ़ तस्वीर मैंने उनसे धीरे-धीरे कुछ सवाल पूछे: 1️⃣ आज घर का खर्च कितना है? राजेश: ₹35,000 प्रति महीना 2️⃣ आपकी उम्र कितनी है और कब रिटायर होना चाहते हैं? उम्र: 35 साल रिटायरमेंट: 65 साल यानि निवेश के लिए लगभग 30 साल का समय 3️⃣ क्या आपने पहले कुछ बचत की है? राजेश: नहीं 4️⃣ रिट...

SIP में देरी का मतलब करोड़ों का नुकसान – अभी शुरू करें और पाएं वित्तीय स्वतंत्रता

SIP शुरू करने में देरी = सपनों से दूरी! सही समय है अब – आज ही निवेश शुरू करें! 👉 SIP शुरू करने में देरी = सपनों से दूरी! सही समय है अब – आज ही निवेश शुरू करें! यह लेख सरल और सादी भाषा में है — ताकि हर व्यक्ति, चाहे कम पढ़ा-लिखा ही क्यों न हो, समझ सके कि SIP क्या है, इसे क्यों शुरू करें और यह कैसे आपको वित्तीय स्वतंत्रता दे सकता है। 💡 SIP क्या होता है? SIP यानी Systematic Investment Plan — इसका मतलब होता है हर महीने या हर तिमाही थोड़ी-थोड़ी रकम म्यूचुअल फंड में निवेश करना। सोचिए जैसे आप गुल्लक में हर महीने पैसे रखते हैं — वही बात है, बस यह बैंक के माध्यम से और म्यूचुअल फंड में होता है। आपको एक साथ बड़ा पैसा नहीं लगाना पड़ता। ⚙️ SIP कैसे काम करती है? आप तय करते हैं कि हर महीने कितने रुपये लगाएंगे (जैसे ₹500, ₹1000)। वो रकम आपके बैंक से अपने-आप काटकर चुने हुए म्यूचुअल फंड में चली जाती है। बाज़ार की कीमत के हिसाब से आप...

App Check केलं, Loss दिसला?, Returns कमी दिसतायत? – घाबरू नका, हीच गुंतवणुकीची संधी!

✨ नमस्कार मित्रांनो आपण सगळे गुंतवणूकदार SIP सुरू करताना मनाशी ठरवतो – “हे ५–६ वर्षं किंवा त्याहून जास्त काळ चालू ठेवायचं.” पण तंत्रज्ञानामुळे अॅप आपल्या मोबाईलमध्ये आलंय आणि आपण जवळपास रोजच परतावा पाहतो. कधी कमी दिसतो, कधी निगेटिव्ह (-) परतावा दिसतो. कधी कधी परतावा चांगला दिसतो, आणि मनात लगेच त्या पैशाची कल्पना येते – “माझ्याकडे इतके पैसे आहेत, आता काहीतरी मोठं खरेदी करू शकतो.” अशा temptations मुळे अनेकदा लोक आपली दीर्घकालीन SIP funds काढून वापरतात, आणि त्यांचे भविष्यातील उद्दिष्ट धोक्यात येते. Mutual Fund Distributors ना ही माहीत आहे की गुंतवणूकदार अॅप पाहून घाबरतात. खरंतर त्यांना अॅप देणं फारसे आवडत नाही, पण स्पर्धेमुळे देणं आवश्यक आहे. 💡 LIC पॉलिसी प्रमाणे विचार करा – LIC मध्ये पैसे १०–२० वर्षांनी मिळतात, पण रोज तपासता येत नाही. संयम ठेवून लोक प्रतीक्षा करतात. SIP मध्येही तसेच – अॅप आहे म्हणून रोज पाहायची सवय लागते, पण संयम ठेवल्यासच खरा फायदा मिळतो. 📉 १. कमी परतावा दिसतो तेव्हा काय समजायचं? सुरुवातीच्या १–२ वर्षांत SIP ला जास्त परतावा मिळत नाही. कारण बाजार सतत चढ-उतार करत अ...

निवेश का सबसे बड़ा सवाल: SIP कितनी शुरू करें? जवाब यहाँ है👇

SIP कितनी शुरू करें? | सही योजना, उदाहरण और प्रेरणादायक कहानी | Priyankshi अब सवाल ये उठता है – SIP कितनी शुरू करनी चाहिए? नमस्कार पाठकों, वित्तीय योजना (Financial Planning) बनाते समय अक्सर लोगों के मन में एक बड़ा सवाल आता है — “मुझे कितनी SIP शुरू करनी चाहिए?” मैंने इस प्रश्न पर काफी समय तक अध्ययन किया है और पाया है कि जब भी मैं निवेशकों से बात करता हूँ तो उनके लक्ष्य (Goals) बहुत महत्वाकांक्षी होते हैं — जैसे कि “मुझे ₹1 करोड़ का कॉर्पस चाहिए” या “मुझे ₹2 करोड़ रिटायरमेंट के समय तक बनाने हैं।” लेकिन कई बार उनकी आय (Income) इतनी नहीं होती कि वे उतनी बड़ी राशि हर महीने निवेश कर सकें। ऐसे में जब उन्हें लक्ष्य तक पहुँचने के लिए आवश्यक SIP राशि बताई जाती है, तो वे निराश होकर निवेश शुरू ही नहीं करते। मैं उन्हें हमेशा यही समझाता हूँ कि – अगर आपके अंदर लक्ष्य प्राप्त करने की इच्छा है और आप अपने सेविंग्स प्लान पर टिके रहते हैं , तो आप कोई भी कॉर्पस बना सकते हैं। चाबी सिर्फ़ Consistency (निरंत...

देर करना महंगा पड़ सकता है: SIP अभी शुरू करें और भविष्य सुरक्षित करें

आज ही SIP शुरू करें और वित्तीय स्वतंत्रता पाएं 🌟 आज ही अपनी निवेश यात्रा शुरू करें! 🌟 हम सब जीवन भर मेहनत करते हैं ताकि परिवार को अच्छी शिक्षा, बेहतर जीवन और सुरक्षित भविष्य मिल सके। लेकिन यदि हम निवेश को टालते रहे, तो कल को हमारे पास पर्याप्त पैसा नहीं होगा। समय पर निवेश ना करना मतलब—सपने अधूरे रहना। SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) एक सरल, सुरक्षित और प्रभावी तरीका है अपनी वित्तीय स्वतंत्रता की दिशा में कदम बढ़ाने का। आइए विस्तार से समझते हैं। 🌱 SIP और चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) क्या है? SIP का मतलब है कि आप हर महीने एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। SIP आपको चक्रवृद्धि ब्याज की शक्ति का उपयोग करके अपनी संपत्ति तेजी से बढ़ाने का अवसर देता है। चक्रवृद्धि ब्याज को ऐसे समझें जैसे एक पेड़ का उदाहरण: आप एक छोटा बीज बोते हैं। यह बड़ा पेड़ बनता है और फल देता है। इन फलों के बीज नए पेड़ों में विकसित होते हैं। कुछ वर्षों बाद, आपको एक पेड़ से अनेक पेड़ों का लाभ मिलने लगता है। इसी तरह SIP में, आपके नि...

निवेश का असली राज़: मार्केट गिरावट में घबराएँ नहीं, कॉस्ट एवरेजिंग अपनाएँ

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नमस्कार पाठकों, अक्सर ऐसा होता है कि लोग निवेश (Investing) शुरू करने का मन बनाते हैं, मुझसे जानकारी भी लेते हैं, लेकिन जैसे ही बाज़ार (Market) नीचे जाता है, वे सोचते हैं — “अभी क्यों करें, थोड़ा इंतज़ार करते हैं।” कुछ लोग तो निवेश शुरू कर देते हैं, लेकिन जैसे ही उनका पैसा अस्थायी तौर पर घाटे (Loss) में दिखने लगता है, वे घबरा जाते हैं और निवेश बढ़ाने या जारी रखने से डरते हैं। 👉 असलियत यह है कि निवेश कोई एक-दो महीने का खेल नहीं है, बल्कि यह लंबी अवधि की यात्रा है।   🚀 लंबी अवधि का निवेश हमेशा फायदेमंद आप मुझे एक भी ऐसा निवेशक दिखाइए जिसने 10 साल या उससे ज्यादा समय तक म्यूचुअल फंड्स में सलाहकार की मदद से सही तरह से निवेश किया हो और अंत में घाटे में रहा हो। 👉 आपको ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलेगा। लंबी अवधि में बाज़ार हमेशा ऊपर ही जाता है, क्योंकि कंपनियाँ बढ़ती हैं, अर्थव्यवस्था (Economy) आगे बढ़ती है और समय के साथ-साथ आपका निवेश भी बढ़ता है।   📉 बाज़ार गिरने पर क्या करना चाहिए? जब मार्केट नीचे आता है, तो यह आपके लिए नुकसान नहीं बल्कि मौका (Opportunity) है। इसे ही कहते हैं...

Life Insurance: Aapke Parivar Ki Financial Security Ka Must-Have

 Hello Friends! Aaj hum baat karenge ek bohot zaroori cheez ke baare mein – Life Insurance. Bahut log life insurance ko seriously nahi lete. Kuch log sochte hain ki yeh zaroori nahi hai, aur kuch samajhte nahi hain ki iske kya benefits hain. Par main aapko bata du, life insurance sirf zaroori nahi, har ek earning person ke liye apne parivar ko protect karna must hai. Life Insurance Kyun Zaroori Hai? Chaliye isko samajhne ke liye ek example lete hain. Maan lijiye ek aadmi hai, jiska naam hai Ramesh, jo har mahine Rs. 50,000 kamata hai. Pura parivar is income pe dependent hai. Agar achanak kuch ho jaata hai, toh uska parivar kaise survive karega? Uski income ruk jaayegi aur uske parivar ko financial problems face karni padengi. Isi liye life insurance zaroori hai. Yeh parivar ko financial security deta hai, kisi bhi unfortunate event ki wajah se. Sahi amount ka life cover ensure karta hai ki agar earning member nahi bhi rahe, toh bhi parivar comfortably zindagi jee sake. Kitna Li...

प्रत्येक कमावत्या सदस्यासाठी जीवन विमा असणे का आवश्यक आहे.?

आपण एका खूप महत्त्वाच्या विषयावर बोलणार आहोत - जीवन विमा . बरेच लोक जीवन विमाला गांभीर्याने घेत नाहीत. काहींना वाटते की हे आवश्यक नाही, तर काहींना त्याचे फायदे समजत नाहीत. पण मी सांगतो, जीवन विमा हा प्रत्येक कमावणाऱ्या व्यक्तीसाठी आवश्यक आहे जेणेकरून त्यांचे कुटुंब सुरक्षित राहील. जीवन विमा महत्त्वाचा का आहे? समजून घेण्यासाठी एक साधे उदाहरण घेऊया. रमेश नावाचा एक व्यक्ती आहे जो Rs. 50,000 प्रतिमहिना कमावतो. त्याच्या संपूर्ण कुटुंबाची त्याच्या उत्पन्नावर अवलंबून आहे. अचानक काही झाले तर, त्याचे कुटुंब कसे जगेल? त्याचे उत्पन्न थांबेल आणि आर्थिक संकट येईल. म्हणूनच जीवन विमा आवश्यक आहे. हे कुटुंबाला आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते. योग्य विमा संरक्षण असल्याने कुटुंबाला कोणत्याही आर्थिक अडचणींना सामोरे जावे लागणार नाही. किती  जीवन विम्याची गरज आहे? एक साधा नियम: जीवन विमा कव्हर किमान वार्षिक उत्पन्नाच्या 10 पट असावे. उदाहरणार्थ, जर व्यक्ती Rs. 50,000 प्रतिमहिना कमावत असेल, तर त्याचे वार्षिक उत्पन्न असेल: Rs. 50,000 × 12 महिने = Rs. 6,00,000 तर, आवश्यक विमा संरक्षण Rs. 60,00,000 (वार्षिक उत...